महाराणा प्रताप का नाम इतिहास में बड़े ही गौरव के साथ उनकी वीरता और दृढ़ संकल्प के लिए लिया जाता है। वे उदयपुर मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे। उनका जन्म राजस्थान के कुम्भलगढ में महाराणा उदयसिंह एवं माता राणी जीवत कँवर के घर हुआ था।

आज हम महाराण प्रताप जी के बारें में 10 ऐसे तथ्य बताने जा रहे है जो शायद आपको न पता हो।

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• महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 ई. को राजस्थान के कुम्भलगढ में महाराणा उदयसिंह एवं माता राणी जीवत कँवर के घर हुआ था।


• महाराणा प्रताप को बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था। उनका राज्याभिषेक गोगुन्दा में हुआ।


• महाराणा प्रताप ने अपने जीवन में कुल ११ शादियाँ की थी।


• ऐसा भी माना जाता है कि महाराणा प्रताप सिंह के डर से अकबर अपनी राजधानी लहौर लेकर चले गए और महाराणा के स्वर्ग सीधरने के बाद अगरा ले आये। अकबर को उनकी मित्यु से दुख भी हुआ था।


हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 ई. में मेवाड तथा मुगलों के मध्य हुआ था। इस युद्ध में मेवाड की सेना का नेतृत्व महाराणा प्रताप ने किया था। इस युद्ध में महाराणा प्रताप की तरफ से लडने वाले एकमात्र मुस्लिम सरदार हकीम खाँ सूरी थे ।


• 1576 ई. के हल्दीघाटी युद्ध में 20,000 राजपूतों को साथ लेकर राणा प्रताप ने मुगल सरदार राजा मानसिंह के 80,000 की सेना का सामना किया।


• वही हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर की तरफ से मुगल सेना का नेतृत्व मानसिंह तथा आसफ खाँ ने किया था।


• महाराण प्रताप अकेले राजपूत राजा थे जिन्होंने मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।


• हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के घोड़ा चेतक, अकबर के सेनापति मानसिंह के हाथी के मस्तक की ऊंचाई तक बाज की तरह उछल गया था।


• चेतक महाराण प्रताप को बचाने के लिए अपने 26 फीट लंबे नाले के ऊपर से कूद गया था। चेतक का एक मंदिर भी बना है जो आज भी हल्दी घटी में सुरक्षित है।


• महाराणा प्रताप की तलवार , उनका कवच , आज भी उदयपुर राजघराने के म्यूजियम में सुरक्षित रखी हुई हैं।


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