Is your life on the path to  becoming meaningful by Gyaan ki dhara

एक लड़का नदी में नहाने के लिए गया। पानी ज्यादा होने के कारण वह डूबने लगा और मदद के लिए चिल्लाया। उसकी आवाज़ एक आदमी के कानों में पड़ी जो पास के ही गांव में जा रहा था। वह आदमी नदी में कूद पड़ा और उसने लड़के को बचा लिया।

बाहर आने के बाद जब वह आदमी जाने लगा तो उस लड़के ने कहा, “ धन्यवाद।”
उस आदमी ने पूछा , “ किसलिए..?” लड़के ने जबाब दिया, “ मेरी जान बचाने के लिए।”

उस आदमी ने उस लड़के की ओर देखते हुए कहा , “ बेटा, जब तुम बड़े हो जाओ तो इस बात को साबित करना कि तुम्हारी जिंदगी बचाने लायक थी.!”

जब एक बच्चे का जन्म होता है तो हमारे चारों तरफ खुशियों कौन मनाता है..? माँ-बाप , रिश्तेदार और दोस्त लोग..! तो फिर रोता कौन है..? वह बच्चा जो अभी पैदा हुआ है..!

लेकिन जब वही बच्चा बड़ा होकर – बुड्डा होकर इस दुनिया को छोड़कर चला जाता है , तो क्या होना चाहिए..? इसका उल्टा..! ( तुम्हारे जाने से इस दुनिया को खालीपन मसूस होना चाहिए और तुम्हे खुशी और संतुष्टि होनी चाहिए कि आपने अपना जीवन सार्थक कर दिया।)

तो सवाल यही है कि ,“ क्या आपका जीवन सार्थक बनने के पथ पर है..? ”

Is your life on the path to becoming meaningful ..?

आज तक इस दुनिया में कोई भी इंसान इसलिए सम्मानित नही हुआ कि उसने दुनिया से क्या लिया, लेकिन उसे इसलिए जरूर सम्मानित किया गया कि उसने दुनिया को क्या दिया।

— काल्विन कूलिज़

हमारे समाज का मानना है कि जब कोई अच्छा इंसान इस दुनिया से जाता है तो वह मरता नही है बल्कि “ अमर ” हो जाता है। उसका नाम उसके द्वारा किये गए अच्छे कामों के लिए सदा के लिए अमर हो जाता हैं।

तो क्या आपने भी अपने जीवन का कोई सार्थक लक्ष्य ( Meaningful Goal ) बनाया है..?

यह कहानी कही पढ़ी थी मैंने..!

एक किसान का कुत्ता सड़क पर आने जानेवाली गाड़ियों का इंतजार करता , जैसे ही कोई गाड़ी आती , वह कुत्ता भोंकता हुआ उनके पीछे दौड़ जाता।
एक दिन उस किसान से किसी ने पूछा, “ क्या तुम्हें लगता है कि तुम्हारा कुत्ता कभी किसी गाड़ी को पकड़ भी पाएगा.? ” उस किसान ने कहा, “ सवाल यह नही है कि वह किसी गाड़ी को पकड़ पायेगा या नही..! बल्कि यह है कि , वह उसे पकड़ कर करेगा क्या..? ”

तो कही आप भी तो नही किसी ऐसे व्यर्थ लक्ष्य ( Meaningless Goal) के पीछे भाग रहे है , जिसे पाने के बाद आपको सोचना पड़े की यह तो मेरा लक्ष्य था ही नही..विचार कीजिये..!

लक्ष्य ( Goal ) हमारे जीवन को अर्थ ( Meaning ) देते है। इसलिए छोटा लक्ष्य बनाना बेवकूफी होगी..! हाँ शुरुवात छोटी हो सकती है..।
इसलिए सूरज बनने का लक्ष्य बनाए.. अगर आप चमकने से चूक भी गए तो क्या हुआ सितारे जरूर बन जाओगे।
इस दुनिया में सभी के आने का कोई न कोई उद्देश्य होता है…! और यह उद्देश्य हर इंसान का अलग अलग हो सकता है..!

इस बात से कोई फर्क नही पड़ता की आप आज कहा हो..? फर्क तो इस बात से पड़ता है कि आप किस दिशा में जा रहे हो..! बिना किसी लक्ष्य , उद्देश्य के मेहनत और साहस किसी काम की नही होती हैं। इसलिए छोटी योजनाएँ मत बनाओ क्योंकि छोटा लक्ष्य आप के अंदर जोश नही भर सकते है। बड़े लक्ष्य और उद्देश्य बनाओ और उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत करों।

दोस्तों हमारा “ क्या आपका जीवन सार्थक हो रहा है..? ” Motivational Article कैसा लगा। यदि आप का इस आर्टिकल से सम्बंधित कोई सुझाव, शिकायत हो तो आप हमें gyaankidhara@gmail.com पर Contact कर सकते हैं धन्यवाद।

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