आम को फलों का राजा भी कहा जाता हैं। वैसे तो आम हमारे शरीर के लिए बहुँत ही लाभकारी है । आम के सेवन से शरीर की कमजोरी दूर होती है। आम से हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम और कामशक्ति को उत्तेजना मिलती हैं। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में मैं आपको आम से होने वाले आयुर्वेदिक लाभ बताने वाला हूँ।

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पेचिश :- a) आम के पत्तों को छाया में सुखाकर पीसकर कपड़े में छान ले। रोजाना तीन बार आधा-आधा चम्मच की फ़की गर्म पानी के साथ ले।
c) आकम की गुठली को सेंककर नमक लगाकर प्रतिदिन दस्त होने पर ठीक हो जाता हैं। b) दस्त में रक्त आनेपर आम की गुठली पीसकर छाछ में मिलाकर पाइन से लाभ होता हैं।


मसूड़े की सूजन :- एक चम्मच पिसा हुआ आमचूर एक गिलास पानी में तीन घंटे भिगोकर इस पानी से कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन और दर्द ठीक हो जाता हैं।


हैजा :- 25 ग्राम आम के नर्म पत्ते पीसकर एक गिलास पानी में उबालें जब पानी आधा रह जाए तो छानकर गर्म-गर्म दो बार पिलाये।


बवासीर :- आम के कोमल नर्म 10 पत्ते पीसकर एक गिलास पानी में घोलें। अब इसमे अपने स्वादनुसार मिश्री मिला ले। इसका सेवन दिन में 2 बार करे रक्त निकलना बंद हो जाता हैं।


चेहरे के कालेपन :- जामुन और आम के गुठली के अंदर की गिरी समान मात्रा में लेकर पानी के साथ पीसकर रोज रात में चेहरे पे लेप करें। चेहरे को प्रातः धो ले।


अण्डवृद्धि :- 25 ग्राम आम के पत्ते, 10 ग्राम सेंधा नमक, दोनो को साथ लेकर पीसकर हल्का गर्मकर इसका लेप करने से अण्डवृद्धि में लाभ होता हैं।


मधुमेह :- a) आम और जामुन की गुठली की गिरी और भुनी हुई हर्रे तीनो को समान मात्रा में लेकर पीस ले। इस मिश्रण की एक चम्मच नित्य दो बार छाछ से फ़की ले। दस्त के साथ ही साथ मधुमेह में लाभ मिलता हैं। b) आम और जामुन का रस समान मात्रा में मिलाकर कुछ दिनों तक पीने से मधुमेह में राहत मिलती हैं।


पथरी :- आम के नर्म पत्तों को छाया में सुखाकर बहुँत बारीक पीस ले। रोज बासी पानी के साथ 8 ग्राम इसे लेकर फ़की ले।


भांग के नशे में :- भांग के नशे में आम की गुठली को पीसकर पानी में घोलकर पिलाने से नशा उतर जाता हैं।


दाद :- एक हिस्सा सेंधा नमक और तीन हिस्सा आमचूर लेकर पानी में गाढ़ा पीसकर लेप करने से दाद से राहत मिलती हैं।


स्वेत प्रदर :- आम के बौर को छाया में सुखाकर पीसकर उसमे समान मात्रा में मिलाकर दो-दो चम्मच सुबह शाम ठंडे पानी के साथ फ़की ले। कुछ दिन निरंतर लेने से स्वेत प्रदर में लाभ मिलता हैं।


बिच्छु के काटने पर :- आमचूर और लहसुन समान मात्रा में पीसकर काटे हुए स्थान पर लगाने से बिच्छु का जहर उतर जाता हैं।


मिर्गी :- आम के आधा किलो हरे पत्ते लेकर धो कर साफ कर ले। अब उनको कूटकर लुगदी बना ले। अब इसे आधा किलो तिल के तेल के साथ गर्म करें । अच्छी तरह उबल जाने पर पानी जल जाएगा तब तेल को छान ले। इस तेल की मालिश से मिर्गी में बहुँत लाभ मिलता हैं।


शुक्रवर्धक :- पके हुए आम का रस, इलायची, लौंग, अदरक, और मिश्री स्वादनुसार मिलाकर पीने से शुक्राणु बढ़ते हैं। आम में सभी फलों से ज्यादा विटामिन A होता है इसलिए यह आंखों के लाल होने, खुजली होने और रतौंधी में भी लाभकारी हैं।


कृमि :- आम की गुठली का चूर्ण गर्म आणि के साथ लेने से पेट के कीड़ें खत्म हो जाते हैं।


शक्तिवर्धक :- आम में रक्त बनाने की शक्ति होती है इसलिए दुबले पतले लोग इसका सेवन करके अपना वजन बढ़ा सकते है। शरीर मव स्फुर्ति के लिए लगातार 2 महीने तक भोजन के बाद आम खाएं।


सुखी खाँसी :- पके हुए आम को गर्म राख में दबाकर भून ले। ठंडा होने पर चूसें इससे सुखी खाँसी में चमत्कारी लाभ मिलता हैं।


पायोरिया :- आम की गुठली की गिरी का महीन चूर्ण का मज्जन करने से दांतों के सभी रोग ठीक हो जाते है और पायोरिया में भी लाभ मिलता हैं।


दांतों की मजबूती :- आम के ताजा पत्ते खूब चबाए और थूक निकालते जाए, थोड़े दिन के निरंतर प्रयास से दांतों के हिलना बंद होकर मसूड़ो में मजबूती आएगी।


पाचन क्रिया :- जिस आम में रेशे होते है वह पाचन क्रिया के लिए वरदान होता हैं। रेशेदार आम अधिक सुपाच्य और कब्ज को दूर करने वाला होता हैं। आम चूसने के बाद दूध पाइन से आंतो को बल मिलता है और वह और मजबूत होती हैं। 70 ग्राम मिटगे आम के रस में 2 ग्राम सौंठ मिलाकर प्रातः सेवन से पाचन शक्ति मजबूत होती हैं।


दोस्तों हमारा “ आम के चमत्कारी लाभ ” हेल्थ ज्ञान Article कैसा लगा। यदि आप का इस आर्टिकल से सम्बंधित कोई सुझाव, शिकायत हो तो आप हमें gyaankidhara@gmail.com पर Contact कर सकते हैं धन्यवाद।

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