शहद के प्रयोग से शक्ति,स्फुर्ति और स्नायु को शक्ति मिलती हैं। शहद का सबसे बड़ा गुण थकावट दूर करना हैं। शक्कर से पाचन अंग खराब होते है, पेट में वायु पैदा होती है, लेकिन शहद वायु बनने से रोकता हैं। यह मानसिक और शारीरिक शक्ति को बढ़ाता हैं। दोस्तों आज शहद के विभिन्न लाभ आपको बताने जा रहा हूँ :-

चर्म रोग :- शहद में पानी मिलाकर पीने से अनेक चर्म रोग जैसे खुजली, शरीर पर हल्के दाग, फोड़े, मुँहासे ठीक हो जाते हैं।


जुखाम-खाँसी :- एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच नमक मिलाकर दिन में तीन बार चाटें।


खाँसी :- शहद खाँसी में आराम देता है 12 ग्राम शहद दिन में तीन बार चाटने से कफ़ निकल जाता है और कफ़ वाली खाँसी ठीक हो जाती है। एक नींबू पानी में उबाले फिर निकालकर काँच के गिलास में निचोड़ें ,अब इसमे 1 ग्राम ग्लिसरीन और 3 ग्राम शहद मिलाकर हिलायें। दिन में चार बार 1 -1 चम्मच ले।


मलेरिया :- पिसी हुई कलौंजी 1 चम्मच, 1 चम्मच शहद में मिलाकर नित्य एक बार खाने से चौथे दिन आने वाला मलेरिया ठीक हो जाता हैं।


चर्म रोग पर काले धब्बे :- एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच नीबू का रस मिलाकर काले धब्बों पर लेप करें। एक घंटे बाद धोएं। कुछ सप्ताह में काले दाग मिट जाएंगे।


आंतों के रोग :- तीन चम्मच पिसा हुआ आँवला रात में एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह उसे छानकर चार चम्मच शहद मिलाकर पियें।


शीत दंश :- यदि शीत दंश अंग में लगातार दर्द होता रहे तो उस पर शहद रगड़े।


आग से जले हुए :- जले हुए अंगों पर शहद का लेप लगाने से जलन कम होती है , घाव होने पर भी जब तक ठीक न हो तब तक शहद लगाते रहे। घाव ठीक होने पर जले हुए भाग सफेद हो जाते है तो उसपर शहद का लेप लगाकर पट्टी बाँधते रहें। दाग मिट जाएंगे.!


मधुमेह :- मधुमेह रोगी को जब मीठा खाने की तीव्र इच्छा होनेपर शक्कर की जगह शहद अति अल्प मात्रा में शहद ले। इससे आप मूत्र में शक्कर आने, गुर्दे के पुराने रोगों से बचा जा सकता हैं।


कब्ज :- यह प्रकतिक हल्का दस्तावर हैं। प्रातः व रात में से सोने से पहले 50 ग्राम शहद ताजा पानी या दूध में मिलाकर पियें। शहद का पेट पर शामक प्रभाव पड़ता हैं।


गठिया :- गठिया से ग्रसित लोगों को शहद बहुँत अधिक मात्रा में लंबे समय तक खाना चाहिए। इससे जोड़ों का दर्द बहुँत हद तक कम होता हैं।


विषैले दंश :- कुत्ता , बिच्छु आदि के काटने पर कटे हुए जगह पर लगाने से लाभ होता हैं।


तलवों में रूखापन ( एड़ी फटने ) :- पैरों में खुजली फुंसियां होने पर, नाखून निकल जाने पर शहद का तीन से चार बार प्रयोग करें।


पित्ती :- नागकेसर 6 ग्राम, शहद 25 ग्राम मिलाकर रोगी को सुबह-शाम खिलायें।


दमा :- दमा और फेफेडे के रोग शहद के सेवन से दूर हो जाते हैं। 2 चम्मच प्याज़ का रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर देने से जिस व्यक्ति के फेफेडे और सांस लेने में परेशानी होती है उन्हें लाभ होगा। शहद फेफड़े को बल देता है और छाती की घ..र ..घर्र दूर होती हैं।


गले की आवाज़ बैठ जाने पर :- एक कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर गरारा करने से आवाज़ खुल जाती है।


सुंदरता :- निम्बू,शहद,बेसन,और तिल के तेल का उबटन करने से त्वचा में प्रकतिक निखार आती है और सुंदरता बढ़ती हैं।


रतौंधी :- आंखों में काजल की तरह सोते समय शहद लगाने से रतौंधी दूर होती हैं।


क्षय :- क्षय रोगी को 100 ग्राम माखन में 25 ग्राम शहद मिलाकर देना चाहिए। 2 चम्मच देशी घी और 1 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर का क्षय रुक जाता हैं। शरीर को बल भी मिलता हैं।


पीलिया :- रोजाना तीन बार एक-एक चम्मच शहद को पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता हैं।


गर्भावस्था :- प्रोटीन का सेवन गर्भावस्था में करने से पैतृक गुण संतान में चले जाते हैं। शहद में प्रोटीन होता है। महिलाओं को रोजाना 2 चम्मच शहद पिलाने से रक्त में कमी नही आती और होने वाला बच्चा सुंदर , तंदुरुस्त और तेज़ मानसिक शक्ति से सम्पन्न होता हैं।


कृमि :- पेट में कृमि हो जाने पर 2 भाग दही और एक भाग शहद मिलाकर लेने से कृमि मरकर मल के साथ बाहर आ जाते हैं।


दोस्तों हमारा “ शहद के चमत्कारी लाभ ” हेल्थ ज्ञान Article कैसा लगा। यदि आप का इस आर्टिकल से सम्बंधित कोई सुझाव, शिकायत हो तो आप हमें gyaankidhara@gmail.com पर Contact कर सकते हैं धन्यवाद।

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